International Year of Cooperatives -2026

अंतर्राष्ट्रीय महिला किसान वर्ष-2026

संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) ने वर्ष 2026 को “अंतर्राष्ट्रीय महिला किसान वर्ष” घोषित किया है। इसका मुख्य उद्देश्य कृषि और खाद्य सुरक्षा में महिलाओं की महत्वपूर्ण भूमिका को पहचानना और उनके समक्ष आने वाली प्रमुख चुनौतियों, जैसे भूमि स्वामित्व, बाज़ार तक पहुँच और वित्तीय सहायता की कमी को उजागर करना है।

उद्देश्य और लक्ष्य:

  • महिला किसानों की पहचान:

वैश्विक खाद्य सुरक्षा में महिलाओं की अहम भूमिका को मान्यता देना।

  • चुनौतियों को संबोधित करना:

भूमि स्वामित्व, बाज़ार पहुँच, ऋण, प्रौद्योगिकी और जलवायु परिवर्तन जैसी समस्याओं को दूर करने के लिए नीतियां बनाना।

  • सशक्तिकरण:

लैंगिक समानता को बढ़ावा देना और महिला किसानों को कृषि संसाधनों और तकनीकों तक बेहतर पहुँच प्रदान करना।

  • समावेशी विकास:

समावेशी कृषि विकास और टिकाऊ खाद्य प्रणालियों को बढ़ावा देना।

मुख्य बिंदु:

  • ऐतिहासिक पहल:

संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा यह एक ऐतिहासिक कदम है, जिसमें 100 से अधिक देशों ने इसका समर्थन किया है।

  • वैश्विक योगदान:

महिला किसान वैश्विक खाद्य आपूर्ति में लगभग 50% का योगदान करती हैं।

 

  • लैंगिक असमानताएँ:

महिला किसानों को भूमि और अन्य संसाधनों के स्वामित्व में महत्वपूर्ण बाधाओं का सामना करना पड़ता है, विशेष रूप से विकासशील देशों में।

  • सरकारी पहल:

इस वर्ष के तहत, महिला किसानों को सशक्त बनाने के लिए सरकारें और विभिन्न संगठन पहले से ही विभिन्न परियोजनाएँ चला रहे हैं, जैसे भारत में महिला किसान सशक्तिकरण परियोजना और असम में ENACT परियोजना।

International Year of Cooperatives 2025

अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता वर्ष- 2025

संयुक्त राष्ट्र द्वारा वर्ष 2025 को अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता वर्ष (IYC-2025) के रूप में घोषित किया गया है, जिसका विषय “सहकारिताएँ एक बेहतर दुनिया का निर्माण करती हैं”। इस वर्ष के आयोजन का उद्देश्य सहकारी आंदोलन को बढ़ावा देना, सतत विकास लक्ष्यों (SDG) की प्राप्ति में उनकी भूमिका को उजागर करना और विभिन्न वैश्विक चुनौतियों के समाधान के रूप में सहकारी मॉडल को प्रस्तुत करना है । इस वर्ष को मनाने के लिए सहकारिता मंत्रालय द्वारा कई पहलें की गई हैं, जिसमें भारत मंडपम, नई दिल्ली में आयोजित वैश्विक सहकारी सम्मेलन में प्रधानमंत्री द्वारा आधिकारिक तौर पर लॉन्च किया गया कार्यक्रम भी शामिल है।

मुख्य बातें:

  • घोषणा:

2025 को अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता वर्ष के रूप में संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा घोषित किया गया है।

  • थीम:

इस वर्ष की थीम “सहकारिताएँ एक बेहतर दुनिया का निर्माण करती हैं”, जो सहकारिता के टिकाऊ वैश्विक प्रभाव पर प्रकाश डालती है।

  • उद्देश्य:

सहकारी आंदोलन में नेतृत्व को प्रेरित करना, विकास को बढ़ावा देना, और सतत विकास लक्ष्यों को प्राप्त करने में सहकारी समितियों की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित करना।

  • आयोजन:

इस वर्ष का आयोजन COPAC (सहकारिता के संवर्धन और उन्नति के लिए समिति) द्वारा किया जा रहा  है, जो संयुक्त राष्ट्र एजेंसियों और सहकारी आंदोलन को एकजुट करने वाली एक वैश्विक साझेदारी है।

भारत में पहलें:

  • आधिकारिक लॉन्च:

इस वर्ष को भारत में माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा अंतर्राष्ट्रीय सहकारी गठबंधन (ICA) वैश्विक सम्मेलन में लॉन्च किया गया था।

  • कार्य योजना:

सहकारिता मंत्रालय ने एक व्यापक वार्षिक कार्य योजना जारी की है, जिसमें विभिन्न हितधारकों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की गई है।

  • जागरूकता अभियान:

देश भर में विभिन्न राष्ट्रीय और राज्य-स्तरीय गतिविधियों के माध्यम से व्यापक जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं।